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कुछ आँसू बड़े ख़ुद्दार थे ,
निकलें ही नहीं ...


मत खोलो मेरी किस्मत की क़िताब को,
हर उस सख़्श ने दिल दुखाया जिस पर नाज़ था..



शीशा टूटे और बिखर जाये वो बेहतर हैं....
दरारे ना जीने देती हैं ना मरने.....



जिंदगी पर बस इतना ही लिख पाया हूँ मैं...
बहुत मजबूत रिश्ते थे मेरे,,,
पर बहुत कमजोर लोगों से..



कितना प्यार है इस दिल में तेरे लिए,
अगर बयां कर दिया तो
तू नहीं ये दुनिया मेरी दिवानी हो जायेगी..




अगर खुशी मिलती है उनको हमसे जुदा हो कर,
तो दुआ है खुदा से कि उन्हे कभी हम न मिले...



जरूरत और चाहत में बहुत फ़र्क है…
कमबख्त़ इसमे तालमेल बिठाते बिठाते ज़िन्दगी गुज़र जाती है !!!!




आज अचानक कोई मुझसे लिपट कर बहुत रोया
 कुछ देर बाद एहसास हुआ ये तो मेरा ही साया है।।...






किस "जुर्म में छीनी गई "मुझसे मेरी हँसी?????
" मैने तो किसी का "दिल" दुखाया भी ना था....



मैंने देखा है तुझे गैरों से दिल लगाते हुए,
मेरे यकीन की कश्तिया यूँ ही तो नहीं डूबी !!



कहाँ मिलता है.
कभी कोई समझने वाला,
जो भी मिलता है,
समझा के चला जाता है,



“मुझको छोड़ने की वजह तो बता देते...,
मुझसे नाराज थे या...मुझ जैसे हजारों थे...!”



लोग समझते है की मैं तुम्हारे हुस्न पर मरता हूँ..😷😏
अगर तुम भी यही समझते हो...
तो सुनो...
जिस दिन हुस्न खो दो उस दिन लौट आना




कुछ लोगों को क्या खूब खुशियाँ मिलती है,
प्यासे को पानी तक नहीं और समुन्दर में नदियाँ मिलती है !!



यूँ तो मोहब्बत की सारी हकीक़त से वाकिफ है हम...
पर उसे देखा तो सोचा चलो ज़िन्दगी बर्बाद कर ही लेते है।




सच्ची मोहबत का उसूल है, किसी को टूट कर चाहने वाले हमेशा खुद ही टूट जाते हैं.




शब्दों को होठों पर रखकर दिल के भेद ना खोलो,
मैं आँखों से सुन सकता हूँ, तुम आँखों से बोलो




अब तेरी आँख मे आंसु किस लिये पगली,
अब छोड ही दिया हे तो भूला भी दे पागल.

.


कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना,
तू किस्मत में ना सही..... दिल में तो है !!



तेरे वादे तु ही जाने,, मेरा तो आज भी वही कहना है..
जिस दिन साँस टूटेगी,, उस दिन ही तेरी आस छूटेगी




किसी की याद ने जख्मो से भर दिया सीना,
अब तो हर एक सांस पर शक है की कही आखरी तो नहीं होगी




आज तो बस साफ़ साफ़ बता दो,
मेरा होना है या मुझे खोना है !!



किसके लिए जन्नत बनाई है तूने ऐ खुदा...!!!
कौन है इस जहाँ में जो गुनाहगार नहीं...!!!




खामोशी का भी अपना रुतबा होता है,
बस समझने वाले कम होते है !!


एक आइना हो तेरे अक्स सा..
जब जब देखूँ निखर जाऊँ, बहक जाऊँ,
तेरे इश्क़ में मैं..



मोहब्बत करने में चंद लम्हे लगते है
 चोट खा कर भूलने में पूरी जिन्दगी लग जाती है



सुकून की एक रात भी, शायद नहीं जिन्दगी में,
ख्वाहिशों को सुलाओ तो, यादें जाग जाती है !!



बहुत सताता है ये सवाल मुझे...!
हम क्यों मिले थे....!
जब हमें मिलना ही नहीं था😕😕...

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